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Samazdari Shayari | समझदारी (Understanding)


समझदारी पर शायरी ( Understanding Shayari):



पहचान-



Understanding-shayari
Understanding-shayari 

कभी लफ्ज गलत पहचान देते है,
तो कभी किसी की हरकत गलत लगती है।
दूर से किसी को पहचानना आसान नहीं,
जिसको जिस नजर से देखो उसकी सूरत वैसी ही दिखती है।

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जहाँ से उठो वहाँ कोई और बैठ जाता है-


जहाँ से उठो वहाँ कोई और बैठ जाता है,
दुनिया में हर कोई सबकी कहां सोचता है।
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गलत ना समझ-


Understanding Shayari
Understanding Shayari 

कुछ भी समझलेकिन गलत ना समझ।

हालात नहीं तो नहीं, मेरे जज्बात तो समझ ।
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हर कोई कहां समझता है-


जिसको जो अच्छा लगता है,
अक्सर वो वहीं करता है,

अगर दो अच्छी सलाह,
तो हर कोई कहां समझता है।

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Khud ko kam mat samzo-



Understanding-shayari
Understanding Shayari 

Khud ko kisi se
''KAM'', mat samjo, ''Kyun ki 
HAUSLA milata hai.

''Sabse JYADA'', bhee mat samjo,
''Kyun  ki
isme ghamand hota hai...
°°°




मेरे रंग-


कोई मुझे careful कहता है,
तो कोई helpful कहता है,
ये तो तारीफ की बातें है,

वैसे नासमझ इंसान मुझे bloody fool भी कहता है।


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अगर कोई समझता नहीं-


Understanding Shayari
Understanding Shayari 

अगर कोई मुझे समझता नहीं,
तो समझाना मैं जरूरी समझता भी नही।
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कौन किसे समझता है यहाँ?-


कौन किसे समझता है यहाँ?
किसी के बातों का भी 
गलत मतलब निकाला
जाता है यहाँ।।।
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गलत समझ-


Understanding Shayari
Understanding Shayari 

उसने मुझे गलत समझ लिया,

 वाह!!! जो मै सोच भी नहीं सकता,
उसने मुझे वो समझ लिया।
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Jisaka Jitana Dimag-


Jisaka Jitana Dimag
Usakee Soch Utani,
Kisi Se jyada bhi Shikayat Karana
Bewakufi Apani.
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कुछ लोगों की समझ-



understanding shayari
Understanding Shayari 

कुछ लोगों की समझ तो देखो
किसे क्या समझते है?
एक बार क्या दे दिया किसी ने धोखा,
ये सबको धोखेबाज समझते है।

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मुझे समझना


Understanding Shayari
Understanding Shayari 

मुझे समझना यानी, "तैरना न आएं और समंदर में कोई डुबकी मारे"।
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