Revenge Shayari | बदला | इन्तकाम शायरी


प्रिय पाठको, यहाँ आपके लिए बदला/ इंतकाम पर हर एक प्रकार की शायरी लिखीे है। यहाँ हर शायरी में एक क्रोध और दुश्मनों के लिए बदले की भावना महसूस हेती है। वैसे दोस्तों बदले की आग इंसान को अंदर ही अंदर जलाती है, लेकिन कुछ अन्याय और किसी पर किसी के ज़ुल्म ही कुछ ऐसे होते है जो इंसान को जायज़ इंतकाम के लिए, किसी को सजा देने के लिए मजबूर कर देते है।

इन सभी बातों के आधार पर मैने इस पोस्ट में बदले पर शायरी लिखी है। और बदले पर लिखे हुए Quotes की यह पोस्ट भी जरुर पढना।


बदला | इन्तकाम शायरी [ Revenge Shayari ]



उसे ढूँढ निकालूंगा-


Revenge Shayari
Revenge Shayari

जमीन पर रहता हूँ...
उसे हर हाल मे ढूँढ निकालूंगा...
कहाँ जा सकती है मुझे छोडकर...
मै तो पानी मे भी आग लगा दूंगा...

Jameen Par Rahata Hoon... 
Use Har Haal Me Dhoondh Nikaaloonga... Kahaan Ja Sakatee Hai Mujhe Chhodakar... Mai To Paanee Me Bhee Aag Laga Doonga...
~~~



दुश्मन का बदला-


दुश्मन का बदला तो मै लेकर ही रहता हूँ, 
उसके साथ उसे शर्मींदा भी जरुर करता हूँ।

dushman ka badala to mai lekar hee rahata hoon, usake saath use sharmeenda bhee jarur karata hoon.

~~~




इन्तकाम


Revenge Shayari
Revenge Shayari 

इन्तकाम-ए- जिल्लत...
अब तो एक ही तमन्ना है,
जी ले तब-तक जब-तक
मेरा वक्त घीनौना है...

intakaam-e- jillat... ab to ek hee tamanna hai, jee le tab-tak jab-tak mera vakt gheenauna hai...
~~~




उसे कल देख लूँगा-


आज आग पकर चुपचाप बैठा हूँ 
कल लावा फेंकूगा।
मै भी क्या चीज हूँ,
उसे कल दिखा दूँगा।

aaj aag pakar chupachaap baitha hoon kal laava phenkooga. mai bhee kya cheej hoon, use kal dikha doonga.

___________





दुश्मनी-


Revenge Shayari
Revenge Shayari 

मेरी कमजोरीयों का पता चल गया था उसे,
इसी लिए वो दोस्त था मेरा,
आज मै उसकी कमजोरी जान चुका हूँ,
और वो अब दुश्मन है मेरा,

meree kamajoreeyon ka pata chal gaya tha use, isee lie vo dost tha mera, aaj mai usakee kamajoree jaan chuka hoon, aur vo ab dushman hai mera,
~~~



कल मेरे भी दिन आएँगे-



revenge shayari
Revenge Shayari 

आज मेरे दिन खराब है,
कल उनके भी अच्छे गुजर जाएँगे।
बारी बारी हिसाब लूंगा,
कल मेरे भी दिन आएँगे ।

aaj mere din kharaab hai, kal unake bhee achchhe gujar jaenge. baaree baaree hisaab loonga, kal mere bhee din aaenge .
~~~




Ham bache nahi-


हम बच्चे नहीं, 
आप जितना समझो उतने सच्चे भी नहीं,
एक चाटा खाकर दूसरी गाल भी आगे बढ़ा दे,
हम उतने अच्छे भी नहीं। 

Ham Bache Nahi, Aap Jitana Samzo Utane Sache Bhi Nahi,
Aik Chata Khakar Dusara Gal Aage Badha De,
Ham Utane Achhe Bhi Nahi...




मुझ जैसा बूरा और अच्छा-


उसके लिए मुझ जैसा बुरा कोई नहीं, 
अगर कोई मेरे लिए बुरा होता है।
और उसके लिए मुझ जैसा अच्छा भी कोई नहीं,
अगर कोई मेरे लिए अच्छा होता है।

usake lie mujh jaisa bura koee nahin, agar koee mere lie bura hota hai. aur usake lie mujh jaisa achchha bhee koee nahin, agar koee mere lie achchha hota hai.

~~~

Related Post:-

0 Comments:

Please do not enter any spam link in the comment box.